नीलकंठ शिवाय

नीलकंठ शिवाय

कोई कहे त्रीलोकी मुझको , कोई अंतरयामी ,
कोई कहता है पालनहारा , कोई मृत्यु स्वामी ।

चंद्र विराजे शिश पर , त्रिशूल पर ब्रह्मांड है ,
नाग वासुकी कंठ पर , और नेत्र में विनाश है ।

अनंत हूँ समय सा मैं , मैं भक्त का गुरूर हूँ ,
शिवा शिवा करे है जो , उस भक्ति में मैं चूर हूँ ।

अजर हूँ मैं अमर हूँ मैं , जीवन मरण से मुक्त हूँ ,
जो दूसरों का विष पीये , उस भक्त का मैं भक्त हूँ ।

मुझे स्वर्ग नरक से क्या , मैं मोक्ष का द्वार हूँ ,
मुझ ही से वेद पुराण हैं , गीता का मैं सार हूँ ।

ज्वाल हूँ वरूण हूँ मैं , सुरों का मैं ही इंद्र हूँ ,
ग्रह हैं मेरे गर्भ में , ब्रह्मांड का मैं केंद्र हूँ ।

तपस्वी का तप हूँ मैं , वैरागी का वैराग हूँ ,
भोग हूँ मैं भोगी का , योगी का मैं जाप हूँ ।

हर सवाल का जवाब हूँ , विवाद का उपाय हूँ ,
देवों का महादेव हूँ , मैं तेरा नीलकंठ शिवाय हूँ ।

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Ek parvana ek aashik aur khubsurati ki kahani

Hm parvane nahi

Hm aashik hai koi parvana nahi,
Jo kuch der jale fir bujh jaayenge,
Ruswaiya karogi agar tum dillagi me,
To gam me hm bhi chor jaayenge aur,
Hai wada ye hmara tumse ae bewafa,
Jehen me bas kr hm tere tujhe satayenge.

हम आशिक है कोई परवाना नहीं,
जो कुछ देर जले फिर बुझ जाएंगे,
रुस्वईया करोगी अगर तुम दिल्लगी में,
तो गम में हम भी छोर जायेंगे और,
है वादा ये हमारा तुमसे ऐ बेवफा,
जहन में बस कर हम तेरे तुझे सताएंगे।

 

 

Aashiki bhulana aasan nahi

Hamare aashiki ko bhulana itna aasan nahi,
Taar dil ke cher jana itna aasan nahi,
Ye naam ka ishak to krte hai yaha sabhi,
Par had se gujar jana itna aasan nahi,
Chor sakte ho tum hme hmse beshak dil laga kar,
Par hme mana aur satana itna aasan nahi,
Dil lagana sapne dikhna aur unhe tor jana itna aasan nahi.

 

❤️❤️ आशिकी 💔💔

हमारे आशिकी को भुलाना इतना आसान नहीं…..

तार दिल के छेड़ जाना इतना आसान नहीं….

ये नाम का इश्क तो करते हैं यहाँ सभी

पर हद्द से गुजर जाना इतना आसान नहीं….

छोड़ सकते हो तुम हमें हमसे बेशक दिल लगा कर..

पर हमें मनाना और सताना इतना आसान नहीं….

दिल लगाना सपने दिखाना और उसे तोड़ जाना इतना आसान नहीं।।।

 

 

Khubsurati

Suna hai be intaha khubsurat ho tum,
Aao kabhi hmse bhi nazren mila kar dekho,
Aur magrur rehti ho suna hai khud hi khud me,
Lehja sikh jaaogi khud hi ek dafa dil laga kr to dekho,
Bari haseen hai ye raahen dilagi ki apna kisiko banakar to dekho,
Kabhi kisko sata kar to dekho kabhi kisiko mana kar to dekho.

 

सुना है बे इन्तहा खूबसूरत हो तुम,

आओ कभी हमसे भी नज़रें मिला कर देखो,

और मगरूर रहती हो सुना है खुद ही खुद में,

लेहजा सिख जाओगी खुद ही एक दफा दिल लगा कर तो देखो,

बङी हसीं है ये राहें दिलगी की अपना किसीको बनाकर तो देखो,

कभि किसको सत्ता कर तो देखो कभी किसीको मना कर तो देखो ।।।।।

                                         अमन जी🙏✍️

Takraar, sanskaar aur pyaar

Takraar

Har kasti dariya ke paar hota,

Agar tufano se unka takraar na hota,

Aur phulo ko bhi patiyo se pyaar hota,

Agar beech me un kambakt,

Kaaton ka deewaar na hota.

हर कश्ती दरिया के पार होता,

अगर तुफानो से उनका तकरार न होता,

और फूलो को भी पत्तियो से प्यार होता,

अगर बीच में उन कम्बक्त्,

कटों का दीवार न होता।

                       Sanskaar

Ungli uthane se phle kisi pe,
Apni girebaan me jhaank kr dekho,
Chhodo ye saare chochle bade seher ke,
Sanskaari paridhan kabhi laga kar to dekho,
Nahi lutegi ijaat sareaam bahu betiyo ki,
Sanskaar maa baap ke apna kr to dekho,
Jhuk jayengi nazren khud hi jamane ki tum,
Bado ki baato ko jehen se apne laga kr to dekho,
Aur bhi haseen ho jaayenge sapne tumhare,
Unhe sanskaaro se kabhi saja kr to dekho,
Khushiya milti hai kitni apne ko maa kr to dekho,
Bahut haseen hai ye sanskaar hmare kabhi inhe apna kr to dekho.

उन्गली उठाने से पहले किसी पे,

अपनी गिरेबान में झांक कर देखो,

छोङो ये सारे चोचले बङे शहर के,

संस्कारि परिधान कभी लगा कर तो देखो,

नही लुटेगी ईज्जत सरेआम बहु बेटियो कि,

संस्कार माँ-बाप के अपना कर तो देखो,

झूक जाएंगी नज़रें खुद ही ज़माने की तुम,

बाङो की बातों को ज़ेहन से अपने लगा कर तो देखो,

और भी हसीं हो जायेंगे सपने तुम्हारे,

उन्हें संस्कारो से कभी सजा कर तो देखो,

खुशिया मिलती है कितनी अपनो को मना कर तो देखो,

बहुत हसीन है ये संस्कार हमारे कभी ईन्हे अपना कर तो देखो।


Dedicated to love

Pyaar
acha nahi lagta

Kisiko dekhna sochna samajhna ab is dil ko accha nahi lagta,

Paaya hai jab se tumko mujhe pyaar kisi aur ka saccha nahi lagta,

Bhate ho bas ek tum is dil ko aur kisika nazrana bhi accha nahi lagta.

किसीको देखना सोचना समझना अब इस दिल को अच्छा नहीं लगता,

पाया है जब से तुमको मुझे प्यार किसी और का सच्चा नहीं लगता,

भाते हो बस एक तुम इस दिल को और किसीका नजराना भी अच्छा नहीं लागता।


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